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Q: डॉ. किशोरीलाल गुप्त ने इनमें से किस ग्रन्थ का हिन्दी-अनुवाद ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ शीर्षक से किया है?
  • A. ‘इस्त्वार द ला लितरेत्यूर ऐंदुई-ऐं-ऐन्दुस्तानी’
  • B. ‘द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’
  • C. ‘ए स्केच ऑव हिंदी लिटरेचर’
  • D. ‘ए हिस्ट्री ऑव हिंदी लिटरेचर’
Correct Answer: Option B - ग्रियर्सन द्वारा रचित ‘द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. किशोरीलाल गुप्त ने सन् 1857 ई. में ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ शीर्षक से किया। जबकि ‘गार्सा द तासी’ द्वारा रचित ‘इस्तावर द ला लितरेत्यूर ऐंदुई-ऐन्दुस्तानी’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. लक्ष्मीसागर वर्ष्णेय ने सन् 1852 ई. में ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ शीर्षक से किया।
B. ग्रियर्सन द्वारा रचित ‘द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. किशोरीलाल गुप्त ने सन् 1857 ई. में ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ शीर्षक से किया। जबकि ‘गार्सा द तासी’ द्वारा रचित ‘इस्तावर द ला लितरेत्यूर ऐंदुई-ऐन्दुस्तानी’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. लक्ष्मीसागर वर्ष्णेय ने सन् 1852 ई. में ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ शीर्षक से किया।

Explanations:

ग्रियर्सन द्वारा रचित ‘द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. किशोरीलाल गुप्त ने सन् 1857 ई. में ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ शीर्षक से किया। जबकि ‘गार्सा द तासी’ द्वारा रचित ‘इस्तावर द ला लितरेत्यूर ऐंदुई-ऐन्दुस्तानी’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. लक्ष्मीसागर वर्ष्णेय ने सन् 1852 ई. में ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ शीर्षक से किया।