Explanations:
ग्रियर्सन द्वारा रचित ‘द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. किशोरीलाल गुप्त ने सन् 1857 ई. में ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ शीर्षक से किया। जबकि ‘गार्सा द तासी’ द्वारा रचित ‘इस्तावर द ला लितरेत्यूर ऐंदुई-ऐन्दुस्तानी’ का हिन्दी अनुवाद डॉ. लक्ष्मीसागर वर्ष्णेय ने सन् 1852 ई. में ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ शीर्षक से किया।