Correct Answer:
Option A - ट्विस्ट ड्रिल के नालियों के बीच का पदार्थ केन्द्र-वैब (Center web) कहलाता है औजार की ग्राइंडिग करके बिन्दु बनाया जाता है। जिससे मुख्य कटाई कोरे प्राप्त होती है। इसे होंठ या लिप (lip) भी कहते है लिप ड्रिल की अक्ष से लगभग 59⁰ का कोण बनाते है। इसे कटाई कोण (Cutting angle) कहते है। इस प्रकार दोनों कटाई कोर या लिप्स के बीच कोण सामान्यतया (59+59)=118⁰ होता है इसे लिप्स कोण या बिन्दु कोण कहते है।
A. ट्विस्ट ड्रिल के नालियों के बीच का पदार्थ केन्द्र-वैब (Center web) कहलाता है औजार की ग्राइंडिग करके बिन्दु बनाया जाता है। जिससे मुख्य कटाई कोरे प्राप्त होती है। इसे होंठ या लिप (lip) भी कहते है लिप ड्रिल की अक्ष से लगभग 59⁰ का कोण बनाते है। इसे कटाई कोण (Cutting angle) कहते है। इस प्रकार दोनों कटाई कोर या लिप्स के बीच कोण सामान्यतया (59+59)=118⁰ होता है इसे लिप्स कोण या बिन्दु कोण कहते है।