Correct Answer:
Option C - क्रांतिक पथ विधि (Critical path method):–
∎ इस विधि के अनुसार परियोजना की विभिन्न संक्रियाओं (Activity) को जाल आरेख (Network Diagram) के रूप में दर्शाते हैं।
∎ इसमें मुख्य बल संक्रियाओं पर दिया जाता है। यह संक्रिया आधारित विधि है।
∎ यह विधि सरल तथा सुविधाजनक है।
∎ संक्रियाओं की अवधि निश्चियात्मक होती है जो पिछले अनुभव के आधार पर आधारित की जाती है।
∎ CPM में विशिष्ट कार्य के निष्पादन को संक्रिया के रूप में जाना जाता है।
∎ CPM में कार्यों के क्रम तथा परियोजना की अवधि निर्धारित करने को प्राथमिकता दी जाती है।
C. क्रांतिक पथ विधि (Critical path method):–
∎ इस विधि के अनुसार परियोजना की विभिन्न संक्रियाओं (Activity) को जाल आरेख (Network Diagram) के रूप में दर्शाते हैं।
∎ इसमें मुख्य बल संक्रियाओं पर दिया जाता है। यह संक्रिया आधारित विधि है।
∎ यह विधि सरल तथा सुविधाजनक है।
∎ संक्रियाओं की अवधि निश्चियात्मक होती है जो पिछले अनुभव के आधार पर आधारित की जाती है।
∎ CPM में विशिष्ट कार्य के निष्पादन को संक्रिया के रूप में जाना जाता है।
∎ CPM में कार्यों के क्रम तथा परियोजना की अवधि निर्धारित करने को प्राथमिकता दी जाती है।