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Q: Convective Precipitation is caused when: संवहनीय वर्षण का कारण है जब:
  • A. rising of moist air due to surface heating सतह के मार्ग होने के कारण नम हवा का ऊपर उठना
  • B. When air mass pass over the mountain region and gets cooled/ जब वायु द्रव्यमान पर्वतीय क्षेत्र से गुजरता है और ठण्डा हो जाता है
  • C. When the cooler air mass forms wedge and lifts the warm air mass/ जब ठंडी वायु द्रव्यमान वेघ बनाती है और गर्म वायु द्रव्यमान ऊपर उठती है।
  • D. there is a frontal mechanism/ एक फ्रंटल तंत्र हैं।
Correct Answer: Option A - संवहनीय वर्षण (Convective precipitation): संवहनीय वर्षण ठण्डे और घने निकायों के चारों ओर गर्म हल्की हवा के प्राकृतिक उठान के कारण होती है। पर्वतीय वर्षण (Orographic precipitation): नमयुक्त वायु का ताप के बढ़ने के कारण ऊपर उठ कर पहाड़ों (बाधाओं) से टकराकर संघनित हो कर जो वर्षा होती है उसे पर्वतीय वर्षण कहते हैं। भारत में अधिकांश भारी वर्षा के लिये पर्वतीय वर्षा ही उत्तरदायी होती है। चक्रवाती वर्षण (Cyclonic Precipitation): चक्रवाती वर्षा दाब के अंतर के कारण एक वायु द्रव्यमान को उठाने के कारण होती है। यदि किसी क्षेत्र पर निम्न दाब पड़ता है तो हवा आस-पास के क्षैतिज रूप से प्रवाहित होगी, जिससे कम दाब वाले क्षेत्र में हवा को ऊपर उठाया जाता है। जब नम और गर्म वायु द्रव्यमान ठंडी और शुष्क द्रव्यमान से मिलती है तो चक्रवाती वर्षण होता है।
A. संवहनीय वर्षण (Convective precipitation): संवहनीय वर्षण ठण्डे और घने निकायों के चारों ओर गर्म हल्की हवा के प्राकृतिक उठान के कारण होती है। पर्वतीय वर्षण (Orographic precipitation): नमयुक्त वायु का ताप के बढ़ने के कारण ऊपर उठ कर पहाड़ों (बाधाओं) से टकराकर संघनित हो कर जो वर्षा होती है उसे पर्वतीय वर्षण कहते हैं। भारत में अधिकांश भारी वर्षा के लिये पर्वतीय वर्षा ही उत्तरदायी होती है। चक्रवाती वर्षण (Cyclonic Precipitation): चक्रवाती वर्षा दाब के अंतर के कारण एक वायु द्रव्यमान को उठाने के कारण होती है। यदि किसी क्षेत्र पर निम्न दाब पड़ता है तो हवा आस-पास के क्षैतिज रूप से प्रवाहित होगी, जिससे कम दाब वाले क्षेत्र में हवा को ऊपर उठाया जाता है। जब नम और गर्म वायु द्रव्यमान ठंडी और शुष्क द्रव्यमान से मिलती है तो चक्रवाती वर्षण होता है।

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संवहनीय वर्षण (Convective precipitation): संवहनीय वर्षण ठण्डे और घने निकायों के चारों ओर गर्म हल्की हवा के प्राकृतिक उठान के कारण होती है। पर्वतीय वर्षण (Orographic precipitation): नमयुक्त वायु का ताप के बढ़ने के कारण ऊपर उठ कर पहाड़ों (बाधाओं) से टकराकर संघनित हो कर जो वर्षा होती है उसे पर्वतीय वर्षण कहते हैं। भारत में अधिकांश भारी वर्षा के लिये पर्वतीय वर्षा ही उत्तरदायी होती है। चक्रवाती वर्षण (Cyclonic Precipitation): चक्रवाती वर्षा दाब के अंतर के कारण एक वायु द्रव्यमान को उठाने के कारण होती है। यदि किसी क्षेत्र पर निम्न दाब पड़ता है तो हवा आस-पास के क्षैतिज रूप से प्रवाहित होगी, जिससे कम दाब वाले क्षेत्र में हवा को ऊपर उठाया जाता है। जब नम और गर्म वायु द्रव्यमान ठंडी और शुष्क द्रव्यमान से मिलती है तो चक्रवाती वर्षण होता है।