Correct Answer:
Option A - धरन या स्लैब की सततता के कारण पाट के मध्य में (धनात्मक) बंकन आघूर्ण का मान घटता है और आलम्बों पर (ऋणात्मक) बंकन आघूर्ण उत्पन्न होती है। धरन के मध्यवर्ती आलम्बों के सिंकिंग के कारण आलम्ब पर ऋणात्मक बंकन आघूर्ण का मान घट जाता है और पाट के मध्य में धनात्मक बंकन आघूर्ण का मान बढ़ जाता है।
A. धरन या स्लैब की सततता के कारण पाट के मध्य में (धनात्मक) बंकन आघूर्ण का मान घटता है और आलम्बों पर (ऋणात्मक) बंकन आघूर्ण उत्पन्न होती है। धरन के मध्यवर्ती आलम्बों के सिंकिंग के कारण आलम्ब पर ऋणात्मक बंकन आघूर्ण का मान घट जाता है और पाट के मध्य में धनात्मक बंकन आघूर्ण का मान बढ़ जाता है।