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Q: Consider the following statements associated with local shear failure of soils : 1. Failure is sudden with well–defined ultimate load. 2. This failure occurs in highly compressible soils. 3. Failure is preceded by large settlement. Which of these statements are correct? मृदा की स्थानीय कर्तन विफलता के सम्बन्ध में निम्न कथनों पर विचार करें– 1. पहले से परिभाषित परम भार के साथ अचानक से विफलता 2. यह विफलता केवल बहुत अधिक सम्पीड्य मृदा में होती है। 3. विफलता अधिक निष्पादन के कारण पहले होती है। उपरोक्त में कौन सा कथन सत्य है–
  • A. 1, 2 और 3
  • B. 1 और 2
  • C. 2 और 3
  • D. 1 और 3
Correct Answer: Option C - मृदा की स्थाई कर्तन विफलता तब होती है जब मृदा आन्तरिक घर्षण कोण का मान 290 से कम है। यह विफलता केवल बहुत अधिक सम्पीड्य मृदा में होती है तथा यह अधिक निष्पादन के कारण पहले होती है। यह विफलता लूज सैंड तथा सॉफ्ट क्ले मे पाया जाता है।
C. मृदा की स्थाई कर्तन विफलता तब होती है जब मृदा आन्तरिक घर्षण कोण का मान 290 से कम है। यह विफलता केवल बहुत अधिक सम्पीड्य मृदा में होती है तथा यह अधिक निष्पादन के कारण पहले होती है। यह विफलता लूज सैंड तथा सॉफ्ट क्ले मे पाया जाता है।

Explanations:

मृदा की स्थाई कर्तन विफलता तब होती है जब मृदा आन्तरिक घर्षण कोण का मान 290 से कम है। यह विफलता केवल बहुत अधिक सम्पीड्य मृदा में होती है तथा यह अधिक निष्पादन के कारण पहले होती है। यह विफलता लूज सैंड तथा सॉफ्ट क्ले मे पाया जाता है।