Correct Answer:
Option C - भारतीय धार्मिक साहित्य के अंतर्गत चार वेदों का वर्णन मिलता है। ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद। इसमें ऋग्वेद सर्वाधिक प्राचीन है, जिसमें 1028 सूक्त मिलते हैं। इसमें 10 मण्डल, 11 बालखिल्य, 10552 ऋचाएं मिलती है। वेद की ऋचाओं को पढ़ने वाले पुरोहित को ‘‘होतृ’’ कहा गया है। इसके माध्यम से आर्यों के राजनीतिक/सामाजिक इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है। ऋग्वेद में हमें गायत्री मंत्र का पाठ भी मिलता है जिसके रचयिता विश्वामित्र थे। ऋग्वेद मूल रूप से ब्राह्मी लिपि एवं संस्कृत भाषा में लिखा गया था। ऋग्वेद 10 मंडलों में विभाजित है तथा इसे अष्टक भी कहा जाता है। ऋग्वेद का विभाजन अष्टक (8), अध्याय (64), वर्ग (2112) व मंत्र (10552) के रूप में किया गया है। सामवेद में 1549 मंत्र हैं। जिसमें 75 मंत्र ही नए है तथा अन्य सभी ऋग्वेद से ही लिए गए। इसलिए सामवेद को ऋग्वेद पर आधारित माना जाता है।
C. भारतीय धार्मिक साहित्य के अंतर्गत चार वेदों का वर्णन मिलता है। ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद। इसमें ऋग्वेद सर्वाधिक प्राचीन है, जिसमें 1028 सूक्त मिलते हैं। इसमें 10 मण्डल, 11 बालखिल्य, 10552 ऋचाएं मिलती है। वेद की ऋचाओं को पढ़ने वाले पुरोहित को ‘‘होतृ’’ कहा गया है। इसके माध्यम से आर्यों के राजनीतिक/सामाजिक इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है। ऋग्वेद में हमें गायत्री मंत्र का पाठ भी मिलता है जिसके रचयिता विश्वामित्र थे। ऋग्वेद मूल रूप से ब्राह्मी लिपि एवं संस्कृत भाषा में लिखा गया था। ऋग्वेद 10 मंडलों में विभाजित है तथा इसे अष्टक भी कहा जाता है। ऋग्वेद का विभाजन अष्टक (8), अध्याय (64), वर्ग (2112) व मंत्र (10552) के रूप में किया गया है। सामवेद में 1549 मंत्र हैं। जिसमें 75 मंत्र ही नए है तथा अन्य सभी ऋग्वेद से ही लिए गए। इसलिए सामवेद को ऋग्वेद पर आधारित माना जाता है।