Correct Answer:
Option A - • आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार, महामारी वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान संघ सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 9.2 प्रतिशत था। जबकि यह वित्तीय वर्ष 2021-22 तथा 2022-23 में क्रमश: 6.7 प्रतिशत (संशोधित अनुमान) तथा 6.4 प्रतिशत (बजट अनुमान) है।
• बजट 2023-24 के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24में राजस्व प्राप्तियाँ क्रमश: 2169905 करोड़ रुपये (वास्तविक), 2348413 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) एवं 2632281 करोड़ रुपये (बजट अनुमान) है। इस प्रकार पिछले दो वर्षो में राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है।
अत: प्रश्नगत विकल्प (b) सही उत्तर है।
A. • आर्थिक समीक्षा 2022-23 के अनुसार, महामारी वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान संघ सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 9.2 प्रतिशत था। जबकि यह वित्तीय वर्ष 2021-22 तथा 2022-23 में क्रमश: 6.7 प्रतिशत (संशोधित अनुमान) तथा 6.4 प्रतिशत (बजट अनुमान) है।
• बजट 2023-24 के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24में राजस्व प्राप्तियाँ क्रमश: 2169905 करोड़ रुपये (वास्तविक), 2348413 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) एवं 2632281 करोड़ रुपये (बजट अनुमान) है। इस प्रकार पिछले दो वर्षो में राजस्व संग्रह में वृद्धि हुई है।
अत: प्रश्नगत विकल्प (b) सही उत्तर है।