Correct Answer:
Option B - मखाली गोसाला वास्तव में आजीविक सम्प्रदाय के सबसे महत्वपूर्ण नेता थे। वे महावीर स्वामी और बुद्ध के समकालीन थे उन्हें आजीविक सम्प्रदाय का संस्थापक माना जाता है। आजीविक दर्शन का मुख्य विचार ‘‘नियति’’ था जिसका अर्थ है भाग्य या नियति। उनका मानना था कि जीवन में सबकुछ पूर्व निर्धारित होता है। आजीविकों के पास चर्चा और सभाएं होती थीं। यह उनकी संगठनात्मक संरचना और सामुदायिक प्रथाओं का एक हिस्सा था।
जाति और वर्ग के आधार पर आजीविकों ने कभी भेदभाव नहीं किया। अत: इसका कथन a,b एवं d सही होगा।
B. मखाली गोसाला वास्तव में आजीविक सम्प्रदाय के सबसे महत्वपूर्ण नेता थे। वे महावीर स्वामी और बुद्ध के समकालीन थे उन्हें आजीविक सम्प्रदाय का संस्थापक माना जाता है। आजीविक दर्शन का मुख्य विचार ‘‘नियति’’ था जिसका अर्थ है भाग्य या नियति। उनका मानना था कि जीवन में सबकुछ पूर्व निर्धारित होता है। आजीविकों के पास चर्चा और सभाएं होती थीं। यह उनकी संगठनात्मक संरचना और सामुदायिक प्रथाओं का एक हिस्सा था।
जाति और वर्ग के आधार पर आजीविकों ने कभी भेदभाव नहीं किया। अत: इसका कथन a,b एवं d सही होगा।