Correct Answer:
Option A - कट-बैक ऐस्फाल्ट(Cut-back Asphalt):– तरल ऐस्फाल्ट को वाष्पशील विलायक (नेप्था, बेन्जोल आदि) में घोलकर कट-बैक ऐस्फाल्ट बनाया जाता है। यह पतले घोल के रूप में होता है और इसे ठण्डी अवस्था में ही प्रयोग किया जाता है।
■ कट-बैक ऐस्फाल्ट में 80% ऐस्फाल्ट तथा शेष विलायक होता है।
■ पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन (केरोसीन) मिलाने से कोलतार की श्यानता कम हो जाती है।
■ पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन (केरोसीन) को मिलाने से एस्फाल्ट पर बिटुमिन का बेधन बढ़ जाता है।
A. कट-बैक ऐस्फाल्ट(Cut-back Asphalt):– तरल ऐस्फाल्ट को वाष्पशील विलायक (नेप्था, बेन्जोल आदि) में घोलकर कट-बैक ऐस्फाल्ट बनाया जाता है। यह पतले घोल के रूप में होता है और इसे ठण्डी अवस्था में ही प्रयोग किया जाता है।
■ कट-बैक ऐस्फाल्ट में 80% ऐस्फाल्ट तथा शेष विलायक होता है।
■ पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन (केरोसीन) मिलाने से कोलतार की श्यानता कम हो जाती है।
■ पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन (केरोसीन) को मिलाने से एस्फाल्ट पर बिटुमिन का बेधन बढ़ जाता है।