Correct Answer:
Option B - समन्वय (Co-ordination) निश्चित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्रियाओं में सामंजस्य स्थापित करने वाली प्रक्रिया है। प्रबन्धकीय कार्यो में समन्वय का स्थान सर्वोपरि है, इसलिए इसे प्रबन्ध का सार कहा जाता है। प्रत्येक संगठन या संस्था में विविध योग्यताओं, इच्छाओं दृष्टिकोणों तथा क्रियाओं वाले व्यक्ति कार्य करते है। यदि इस विविधता को उद्देश्य की एकता में परिवर्तित न किया जाए तो परिणाम घातक होंगे। समन्वय ही है जो अनेकता को एकता में बदलता है और संगठन को कार्य कशुल बनाता है, अत: स्पष्ट है कि उद्देश्यों की एकता समन्वय में शामिल होता है।
B. समन्वय (Co-ordination) निश्चित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्रियाओं में सामंजस्य स्थापित करने वाली प्रक्रिया है। प्रबन्धकीय कार्यो में समन्वय का स्थान सर्वोपरि है, इसलिए इसे प्रबन्ध का सार कहा जाता है। प्रत्येक संगठन या संस्था में विविध योग्यताओं, इच्छाओं दृष्टिकोणों तथा क्रियाओं वाले व्यक्ति कार्य करते है। यदि इस विविधता को उद्देश्य की एकता में परिवर्तित न किया जाए तो परिणाम घातक होंगे। समन्वय ही है जो अनेकता को एकता में बदलता है और संगठन को कार्य कशुल बनाता है, अत: स्पष्ट है कि उद्देश्यों की एकता समन्वय में शामिल होता है।