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Q: ‘छायावाद और उत्तर छायावाद के बीच कुछ वैसा ही संबंध दिखता है जैसे मध्यकाल में भक्ति काव्य और रीति काव्य के बीच था’–पंक्तियों के लेखक हैं
  • A. आचार्य नन्द दुलारे बाजपेयी
  • B. डॉ. बच्चन सिंह
  • C. डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी
  • D. डॉ. नगेन्द्र
Correct Answer: Option C - ‘‘छायावाद और उत्तर-छायावाद के बीच कुछ वैसा ही संबंध दिखता है, जैसे मध्यकाल में भक्तिकाव्य और रीतिकाव्य के बीच था’’– यह कथन डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी का है। डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी जी ने यह कथन अपनी पुस्तक ‘हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास’ में छायावाद के संबंध में कहा है।
C. ‘‘छायावाद और उत्तर-छायावाद के बीच कुछ वैसा ही संबंध दिखता है, जैसे मध्यकाल में भक्तिकाव्य और रीतिकाव्य के बीच था’’– यह कथन डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी का है। डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी जी ने यह कथन अपनी पुस्तक ‘हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास’ में छायावाद के संबंध में कहा है।

Explanations:

‘‘छायावाद और उत्तर-छायावाद के बीच कुछ वैसा ही संबंध दिखता है, जैसे मध्यकाल में भक्तिकाव्य और रीतिकाव्य के बीच था’’– यह कथन डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी का है। डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी जी ने यह कथन अपनी पुस्तक ‘हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास’ में छायावाद के संबंध में कहा है।