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Q: Chambal river valley in Madhya Pradesh is an example of मध्य प्रदेश में चम्बल नदी घाटी एक उदाहरण है
  • A. Bad land/उत्खात भूमि
  • B. Desert land/मरु भूमि
  • C. Plateau land/पठारी भूमि
  • D. Flat land/समतल भूमि
Correct Answer: Option A - चम्बल नदी मध्य प्रदेश के मालवा पठार में महू के निकट से निकलती है और उत्तरमुखी होकर एक महाखण्ड से बहती हुई राजस्थान के कोटा में प्रवेश करती है। जहाँ इस पर गाँधी सागर बाँध बनाया गया है। कोटा से यह बूँदी, सवाई मधोपुरा और धौलापुर होती हुई यमुना में मिल जाती है। ‘‘चम्बल अपनी उत्खात भूमि वाली भू आकृति के लिए प्रसिद्ध है।’’ जिसे चम्बल में खड्ड कहा जाता है। चम्बल नदी की लम्बाई 965 किमी० है तथा इसकी प्रमुख सहायक नदियों में काली सिंध, बनास, पार्वती, क्षिप्रा, खारी आदि हैं।
A. चम्बल नदी मध्य प्रदेश के मालवा पठार में महू के निकट से निकलती है और उत्तरमुखी होकर एक महाखण्ड से बहती हुई राजस्थान के कोटा में प्रवेश करती है। जहाँ इस पर गाँधी सागर बाँध बनाया गया है। कोटा से यह बूँदी, सवाई मधोपुरा और धौलापुर होती हुई यमुना में मिल जाती है। ‘‘चम्बल अपनी उत्खात भूमि वाली भू आकृति के लिए प्रसिद्ध है।’’ जिसे चम्बल में खड्ड कहा जाता है। चम्बल नदी की लम्बाई 965 किमी० है तथा इसकी प्रमुख सहायक नदियों में काली सिंध, बनास, पार्वती, क्षिप्रा, खारी आदि हैं।

Explanations:

चम्बल नदी मध्य प्रदेश के मालवा पठार में महू के निकट से निकलती है और उत्तरमुखी होकर एक महाखण्ड से बहती हुई राजस्थान के कोटा में प्रवेश करती है। जहाँ इस पर गाँधी सागर बाँध बनाया गया है। कोटा से यह बूँदी, सवाई मधोपुरा और धौलापुर होती हुई यमुना में मिल जाती है। ‘‘चम्बल अपनी उत्खात भूमि वाली भू आकृति के लिए प्रसिद्ध है।’’ जिसे चम्बल में खड्ड कहा जाता है। चम्बल नदी की लम्बाई 965 किमी० है तथा इसकी प्रमुख सहायक नदियों में काली सिंध, बनास, पार्वती, क्षिप्रा, खारी आदि हैं।