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Q: Chain survey is mainly done using triangulation technique because:/जरीब सर्वेक्षण मुख्य रूप से त्रिकोणीयन तकनीकी का उपयोग करके किया जाता है, क्योंकि-
  • A. It is needed to form a well-conditioned triangle/एक सुआकारीय त्रिभुज बनाने के लिए इसकी आवश्यकता होती है
  • B. In triangulation, the survey work can be checked using check line त्रिकोणीयन में जाँच रेखा का उपयोग करके सर्वेक्षण कार्य की जाँच की जा सकती है
  • C. Triangles reduce the error by 30% त्रिभुज त्रुटि को 30% कम करते हैं
  • D. A triangle is the only simple figure that can be plotted from the length of its sides measured in field/त्रिभुज एकमात्र सरल आकृति है जिसे क्षेत्र में मापी गयी भुजाओं की लम्बाई से खींचा जा सकता है
Correct Answer: Option D - अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रस्तावित भू-क्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुजों में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है जिसका अंकन उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई मापकर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन भी कहते हैं। सुआकरीय त्रिभुज (well shaped triangle) में कोई भी कोण ३०ड्ढ से कम तथा 120º से अधिक नहीं होता है।
D. अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रस्तावित भू-क्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुजों में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है जिसका अंकन उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई मापकर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन भी कहते हैं। सुआकरीय त्रिभुज (well shaped triangle) में कोई भी कोण ३०ड्ढ से कम तथा 120º से अधिक नहीं होता है।

Explanations:

अच्छे सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रस्तावित भू-क्षेत्र को आपस में सटी हुई अनेक त्रिभुजों में बाँट लिया जाता है, क्योंकि त्रिभुज ही सबसे सरल ज्यामितीय आकृति है जिसका अंकन उसकी तीनों भुजाओं की लम्बाई मापकर आसानी से किया जा सकता है और कोणीय मापन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अत: इसे जरीब त्रिकोणीयन भी कहते हैं। सुआकरीय त्रिभुज (well shaped triangle) में कोई भी कोण ३०ड्ढ से कम तथा 120º से अधिक नहीं होता है।