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Q: ‘चिड़िया आकाश में उड़ रही है’ वाक्य में ‘उड़ रही’ क्रिया है
  • A. प्रेरणार्थक क्रिया
  • B. अपूर्णकालिक क्रिया
  • C. सकर्मक क्रिया
  • D. अकर्मक क्रिया
Correct Answer: Option D - व्याख्या : उपर्युक्त वाक्य मेें ‘उड़ रही’ अकर्मक क्रिया है। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा नहीं रखती, अकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे – चलना, फिरना, दौड़ना, रोना आदि। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा रखती है, सकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे- पढ़ना, लिखना, खाना, पीना, देना,लेना आदि। वाक्य में जिस क्रिया से यह पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को उस कार्य को करने की प्रेरणा देता है, वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है।
D. व्याख्या : उपर्युक्त वाक्य मेें ‘उड़ रही’ अकर्मक क्रिया है। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा नहीं रखती, अकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे – चलना, फिरना, दौड़ना, रोना आदि। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा रखती है, सकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे- पढ़ना, लिखना, खाना, पीना, देना,लेना आदि। वाक्य में जिस क्रिया से यह पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को उस कार्य को करने की प्रेरणा देता है, वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है।

Explanations:

व्याख्या : उपर्युक्त वाक्य मेें ‘उड़ रही’ अकर्मक क्रिया है। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा नहीं रखती, अकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे – चलना, फिरना, दौड़ना, रोना आदि। वाक्य में जो क्रिया कर्म की अपेक्षा रखती है, सकर्मक क्रिया कहलाती है। जैसे- पढ़ना, लिखना, खाना, पीना, देना,लेना आदि। वाक्य में जिस क्रिया से यह पता चले कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को उस कार्य को करने की प्रेरणा देता है, वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है।