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Q: ‘चिठिया हो तो हर कोई बाँचे’ किसके पत्रों का संग्रह हैं?
  • A. धर्मवीर भारती
  • B. फणीश्वर नाथ रेणु
  • C. देवीशंकर अवस्थी
  • D. रामविलास शर्मा
Correct Answer: Option B - ‘चिठिया हो तो हर कोई बाँचे’ फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के पत्रों का संग्रह है। इसका संपादन भारत यायावर ने किया। रामविलास शर्मा ने तीन महारथियों के पत्र, कवियों के पत्र का संपादन किया। हिन्दी साहित्य का पहला पत्र संग्रह मुंशीराम ने सन् 2004 ई. में प्रकाशित करवाया।
B. ‘चिठिया हो तो हर कोई बाँचे’ फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के पत्रों का संग्रह है। इसका संपादन भारत यायावर ने किया। रामविलास शर्मा ने तीन महारथियों के पत्र, कवियों के पत्र का संपादन किया। हिन्दी साहित्य का पहला पत्र संग्रह मुंशीराम ने सन् 2004 ई. में प्रकाशित करवाया।

Explanations:

‘चिठिया हो तो हर कोई बाँचे’ फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के पत्रों का संग्रह है। इसका संपादन भारत यायावर ने किया। रामविलास शर्मा ने तीन महारथियों के पत्र, कवियों के पत्र का संपादन किया। हिन्दी साहित्य का पहला पत्र संग्रह मुंशीराम ने सन् 2004 ई. में प्रकाशित करवाया।