Correct Answer:
Option C - विश्वनाथ ने काव्य के प्रयोजन के तहत चतुर्वर्ग की प्राप्ति को महत्व दिया है। इनके अनुसार शास्त्र का भी यही प्रयोजन है किन्तु शास्त्र का अनुशीलन कष्ट साध्य है और सबको सुलभ नहीं है। काव्य के अध्ययन से जनसामान्य को भी चतुर्वर्ग की प्राप्ति संभव है। ‘‘चतुर्वर्गफलप्राप्ति सुखादल्पधियामपि।
C. विश्वनाथ ने काव्य के प्रयोजन के तहत चतुर्वर्ग की प्राप्ति को महत्व दिया है। इनके अनुसार शास्त्र का भी यही प्रयोजन है किन्तु शास्त्र का अनुशीलन कष्ट साध्य है और सबको सुलभ नहीं है। काव्य के अध्ययन से जनसामान्य को भी चतुर्वर्ग की प्राप्ति संभव है। ‘‘चतुर्वर्गफलप्राप्ति सुखादल्पधियामपि।