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Q: चम्पारन नील आन्दोलन का राष्ट्रीय नेता कौन थे?
  • A. महात्मा गाँधी
  • B. बिरसा मुण्डा
  • C. बाबा रामचन्द्र
  • D. रामिंसह
Correct Answer: Option A - चम्पारण नील आंदोलन के राष्ट्रीय नेता महात्मा गाँधी थे। चम्पारण (बिहार) के किसानों से अंग्रेज बागान मालिकों ने एक करार कर रखा था जिसके अंतर्गत किसानों को अपने कृषिजन्य क्षेत्र के 3/20वें भाग पर नील की खेती करनी होती थी। इस पद्धति को तिनकठिया पद्धति कहा जाता था। गाँधी जी के आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि तिनकठिया पद्धति समाप्त कर दी गयी। बिहार के राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर ही गाँधी जी इस आंदोलन में भाग लेने चम्पारण (बिहार) पहुॅचे थे।
A. चम्पारण नील आंदोलन के राष्ट्रीय नेता महात्मा गाँधी थे। चम्पारण (बिहार) के किसानों से अंग्रेज बागान मालिकों ने एक करार कर रखा था जिसके अंतर्गत किसानों को अपने कृषिजन्य क्षेत्र के 3/20वें भाग पर नील की खेती करनी होती थी। इस पद्धति को तिनकठिया पद्धति कहा जाता था। गाँधी जी के आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि तिनकठिया पद्धति समाप्त कर दी गयी। बिहार के राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर ही गाँधी जी इस आंदोलन में भाग लेने चम्पारण (बिहार) पहुॅचे थे।

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चम्पारण नील आंदोलन के राष्ट्रीय नेता महात्मा गाँधी थे। चम्पारण (बिहार) के किसानों से अंग्रेज बागान मालिकों ने एक करार कर रखा था जिसके अंतर्गत किसानों को अपने कृषिजन्य क्षेत्र के 3/20वें भाग पर नील की खेती करनी होती थी। इस पद्धति को तिनकठिया पद्धति कहा जाता था। गाँधी जी के आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि तिनकठिया पद्धति समाप्त कर दी गयी। बिहार के राजकुमार शुक्ल के अनुरोध पर ही गाँधी जी इस आंदोलन में भाग लेने चम्पारण (बिहार) पहुॅचे थे।