Correct Answer:
Option A - चम्बल नदी अध्यारोपित अपवाह तंत्र का प्रकार है। अध्यारोपित या पूर्वारोपित अपवाह तंत्र स्थलखण्ड के ढाल का अनुसरण नहीं करती है। सोन नदी भी अध्यारोपित नदी का उदाहरण है। चम्बल नदी मध्य प्रदेश के मालवा पठार में महु के निकट निकलती है और उत्तरमुखी होकर एक महाखड्ड से बहती हुई राजस्थान के कोटा में पहुँचती है, जहाँ इस पर गाँधी सागर बाँध बनाया गया है। यह यमुना की सहायक नदी है। चम्बल अपनी उत्खात भूमि वाली भू-आकृति के लिए प्रसिद्ध है, जिसे चम्बल खड्ड (Ravine) कहा जाता है।
A. चम्बल नदी अध्यारोपित अपवाह तंत्र का प्रकार है। अध्यारोपित या पूर्वारोपित अपवाह तंत्र स्थलखण्ड के ढाल का अनुसरण नहीं करती है। सोन नदी भी अध्यारोपित नदी का उदाहरण है। चम्बल नदी मध्य प्रदेश के मालवा पठार में महु के निकट निकलती है और उत्तरमुखी होकर एक महाखड्ड से बहती हुई राजस्थान के कोटा में पहुँचती है, जहाँ इस पर गाँधी सागर बाँध बनाया गया है। यह यमुना की सहायक नदी है। चम्बल अपनी उत्खात भूमि वाली भू-आकृति के लिए प्रसिद्ध है, जिसे चम्बल खड्ड (Ravine) कहा जाता है।