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Q: C2C ई-कॉमर्स कार्य करने के लिए निम्नलिखित आधारभूत संरचना आवश्यक है– i. वर्ल्ड वाइड वेब ii. इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरनेट स्टैंडर्ड iii. कॉर्पोरेट नेटवर्क iv. कारोबारों को जोड़ने वाले सुरक्षित इलक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन लिंक
  • A. (i) तथा (ii)
  • B. (ii) तथा (iv)
  • C. (i) तथा (iii)
  • D. (i) तथा (iv)
Correct Answer: Option C - जब कोई कंज्यूमर अपने वस्तु या सामान को किसी अन्य उपभोक्ता को इंटरनेट पर बेचता है, तो इस लेन-देन को कंज्यूमर टू कंज्यूमर (C2C) कहा जाता है। इसमें उपभोक्ता (Consumer) अपनी कोई भी पुरानी चीज जैसे लैपटॉप, मोबाइल को अन्य उपभोक्ता को सीधे इंटरनेट के माध्यम से बेचता है। जैसे–OLX आदि। C2C ई-कॉमर्स कार्य करने के लिये वर्ल्ड वाइड वेब तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरनेट स्टैण्डर्ड आधारभूत संरचना आवश्यक है।
C. जब कोई कंज्यूमर अपने वस्तु या सामान को किसी अन्य उपभोक्ता को इंटरनेट पर बेचता है, तो इस लेन-देन को कंज्यूमर टू कंज्यूमर (C2C) कहा जाता है। इसमें उपभोक्ता (Consumer) अपनी कोई भी पुरानी चीज जैसे लैपटॉप, मोबाइल को अन्य उपभोक्ता को सीधे इंटरनेट के माध्यम से बेचता है। जैसे–OLX आदि। C2C ई-कॉमर्स कार्य करने के लिये वर्ल्ड वाइड वेब तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरनेट स्टैण्डर्ड आधारभूत संरचना आवश्यक है।

Explanations:

जब कोई कंज्यूमर अपने वस्तु या सामान को किसी अन्य उपभोक्ता को इंटरनेट पर बेचता है, तो इस लेन-देन को कंज्यूमर टू कंज्यूमर (C2C) कहा जाता है। इसमें उपभोक्ता (Consumer) अपनी कोई भी पुरानी चीज जैसे लैपटॉप, मोबाइल को अन्य उपभोक्ता को सीधे इंटरनेट के माध्यम से बेचता है। जैसे–OLX आदि। C2C ई-कॉमर्स कार्य करने के लिये वर्ल्ड वाइड वेब तथा इलेक्ट्रॉनिक डाटा इंटरनेट स्टैण्डर्ड आधारभूत संरचना आवश्यक है।