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Q: ‘‘बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।’’ इसमें किस छन्द का उदाहरण है?
  • A. सोरठा
  • B. चौपाई
  • C. दोहा
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - ``बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।'' उक्त छंद दोहा छंद का उदाहरण है। दोहा–यह अर्द्धसममात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं। पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
C. ``बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।'' उक्त छंद दोहा छंद का उदाहरण है। दोहा–यह अर्द्धसममात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं। पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।

Explanations:

``बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं, फल लागै अति दूर।'' उक्त छंद दोहा छंद का उदाहरण है। दोहा–यह अर्द्धसममात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं। पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ होती हैं तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।