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Q: बुद्धचरितमहाकाव्यस्य प्रणेता आसीत्
  • A. अश्वघोष:
  • B. श्रीहर्ष:
  • C. बिल्हण:
  • D. बुद्धघोष:
Correct Answer: Option A - बुद्धचरितमहाकाव्यस्य प्रणेता अश्वघोष: आसीत्। अर्थात् बुद्धचरित महाकाव्य के प्रणेता अश्वघोष थे। ये बौद्ध दार्शनिक हैं इनकी प्रसिद्ध रचना ‘बुद्धचरितम्’ है। इसमें कुल 28 सर्ग हैं, 14वें सर्ग में बुद्धत्व की प्राप्ति का वर्णन है। इनकी प्रामाणिक रूप से चार कृतियाँ उपलब्ध हैं-(1) बुद्धचरितम् (2) सौन्दरानन्द महाकाव्यम्, (3) गण्डीस्तोत्रगाथा (4) शारिपुत्रप्रकरणम्। अत: विकल्प (a) सही है शेष अन्य विकल्पों में (b) श्रीहर्ष का नैषधीयचरितम् (महाकाव्य), (c) बिल्हण का विक्रमांकदेवचरितम् (महाकाव्य) तथा विकल्प (d) अनुपयुक्त है।
A. बुद्धचरितमहाकाव्यस्य प्रणेता अश्वघोष: आसीत्। अर्थात् बुद्धचरित महाकाव्य के प्रणेता अश्वघोष थे। ये बौद्ध दार्शनिक हैं इनकी प्रसिद्ध रचना ‘बुद्धचरितम्’ है। इसमें कुल 28 सर्ग हैं, 14वें सर्ग में बुद्धत्व की प्राप्ति का वर्णन है। इनकी प्रामाणिक रूप से चार कृतियाँ उपलब्ध हैं-(1) बुद्धचरितम् (2) सौन्दरानन्द महाकाव्यम्, (3) गण्डीस्तोत्रगाथा (4) शारिपुत्रप्रकरणम्। अत: विकल्प (a) सही है शेष अन्य विकल्पों में (b) श्रीहर्ष का नैषधीयचरितम् (महाकाव्य), (c) बिल्हण का विक्रमांकदेवचरितम् (महाकाव्य) तथा विकल्प (d) अनुपयुक्त है।

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बुद्धचरितमहाकाव्यस्य प्रणेता अश्वघोष: आसीत्। अर्थात् बुद्धचरित महाकाव्य के प्रणेता अश्वघोष थे। ये बौद्ध दार्शनिक हैं इनकी प्रसिद्ध रचना ‘बुद्धचरितम्’ है। इसमें कुल 28 सर्ग हैं, 14वें सर्ग में बुद्धत्व की प्राप्ति का वर्णन है। इनकी प्रामाणिक रूप से चार कृतियाँ उपलब्ध हैं-(1) बुद्धचरितम् (2) सौन्दरानन्द महाकाव्यम्, (3) गण्डीस्तोत्रगाथा (4) शारिपुत्रप्रकरणम्। अत: विकल्प (a) सही है शेष अन्य विकल्पों में (b) श्रीहर्ष का नैषधीयचरितम् (महाकाव्य), (c) बिल्हण का विक्रमांकदेवचरितम् (महाकाव्य) तथा विकल्प (d) अनुपयुक्त है।