Correct Answer:
Option A - बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध से ब्रह्मा ने यह प्रार्थना की कि अपने ज्ञान के प्रकाश को आगे लाकर विश्व के चारों ओर फैलाए। बौद्ध धर्म के अनुसार मनुष्य के जीवन का परम लक्ष्य निर्वाण प्राप्ति है। निर्वाण का अर्थ है दीपक का बुझ जाना। अर्थात जीवन मरण के चक्र से मुक्ति पाना। यह निर्वाण इसी जन्म में प्राप्त हो सकता है।
A. बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध से ब्रह्मा ने यह प्रार्थना की कि अपने ज्ञान के प्रकाश को आगे लाकर विश्व के चारों ओर फैलाए। बौद्ध धर्म के अनुसार मनुष्य के जीवन का परम लक्ष्य निर्वाण प्राप्ति है। निर्वाण का अर्थ है दीपक का बुझ जाना। अर्थात जीवन मरण के चक्र से मुक्ति पाना। यह निर्वाण इसी जन्म में प्राप्त हो सकता है।