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Q: बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा में कौन सा चीनी विद्वान रहा?
  • A. दांग जहोंग्शू
  • B. जुआन जांग
  • C. कुई वीपिंग
  • D. डाँगफांग शुओ
Correct Answer: Option B - बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा में जुआन जांग नामक चीनी विद्वान रहता था। चीनी बौद्ध धर्म, बौद्ध धर्म की चीनी शाखा है। बौद्ध धर्म की परम्पराओं ने दो हजार वर्षों तक चीनी संस्कृति एवं सभ्यता पर गहरा प्रभाव छोड़ा। यह बौद्ध परम्पराएँ चीनी कला, राजनीति, साहित्य, दर्शन तथा चिकित्सा में देखी जा सकती है। दुनिया की 65% से अधिक बौद्ध आबादी चीन में रहती है। इन्हीं कारणों से चीन के विद्वान भारत में आकर यहाँ के बौद्ध ग्रंन्थों का अध्ययन करते थे तथा यहाँ के विचारों एवं मूल्यों को चीन में बौद्ध धर्म के लोग आत्मसात कर लेते थे।
B. बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा में जुआन जांग नामक चीनी विद्वान रहता था। चीनी बौद्ध धर्म, बौद्ध धर्म की चीनी शाखा है। बौद्ध धर्म की परम्पराओं ने दो हजार वर्षों तक चीनी संस्कृति एवं सभ्यता पर गहरा प्रभाव छोड़ा। यह बौद्ध परम्पराएँ चीनी कला, राजनीति, साहित्य, दर्शन तथा चिकित्सा में देखी जा सकती है। दुनिया की 65% से अधिक बौद्ध आबादी चीन में रहती है। इन्हीं कारणों से चीन के विद्वान भारत में आकर यहाँ के बौद्ध ग्रंन्थों का अध्ययन करते थे तथा यहाँ के विचारों एवं मूल्यों को चीन में बौद्ध धर्म के लोग आत्मसात कर लेते थे।

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बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए विजयवाड़ा में जुआन जांग नामक चीनी विद्वान रहता था। चीनी बौद्ध धर्म, बौद्ध धर्म की चीनी शाखा है। बौद्ध धर्म की परम्पराओं ने दो हजार वर्षों तक चीनी संस्कृति एवं सभ्यता पर गहरा प्रभाव छोड़ा। यह बौद्ध परम्पराएँ चीनी कला, राजनीति, साहित्य, दर्शन तथा चिकित्सा में देखी जा सकती है। दुनिया की 65% से अधिक बौद्ध आबादी चीन में रहती है। इन्हीं कारणों से चीन के विद्वान भारत में आकर यहाँ के बौद्ध ग्रंन्थों का अध्ययन करते थे तथा यहाँ के विचारों एवं मूल्यों को चीन में बौद्ध धर्म के लोग आत्मसात कर लेते थे।