search
Q: Break point chlorination is the : भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण है–
  • A. the point at which the disinfection demand has been met in terms of chlorine जिस बिन्दु पर कीटाणुशोधन की मांग क्लोरीन के अनुसार मिल जाती है।
  • B. Shortage of chlorine/क्लोरीन की कमी
  • C. Further chlorine required/अतिरिक्त क्लोरीन की मांग
  • D. None of the above/उपरोक्त में से कोई भी नहीं
Correct Answer: Option A - भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break-Point Chlorination)–– जब क्लोरीन पानी में मिलाई जाती है, तो यह दो चरणों में कार्य करती है– ∎ पहले चरण में रोगजनक जीवाणुओं को नष्ट करती है। ∎ दूसरे चरण में कार्बनिक पदार्थों का आक्सीकरण करती है। जब क्लोरीन द्वारा उपरोक्त दोनों कार्य पूर्ण हो जाते हैं तो जल में अवशेष क्लोरीन की मात्रा न्यूनतम होती है क्लोरीनीकरण क्रम आगे जारी रखने पर, यह मुक्त क्लोरीन के रूप में निकलती है। अत: क्लोरीनीकरण में वह स्थिति जब पानी की उपरोक्त दोनों माँगे पूर्ण हो जाती है तथा मुक्त क्लोरीन निकलने लगती है, भंजक बिन्दु कहलाती है, तथा इस सीमा के पश्चात् क्लोरीनीकरण को भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break Point Chlorination) कहते हैं।
A. भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break-Point Chlorination)–– जब क्लोरीन पानी में मिलाई जाती है, तो यह दो चरणों में कार्य करती है– ∎ पहले चरण में रोगजनक जीवाणुओं को नष्ट करती है। ∎ दूसरे चरण में कार्बनिक पदार्थों का आक्सीकरण करती है। जब क्लोरीन द्वारा उपरोक्त दोनों कार्य पूर्ण हो जाते हैं तो जल में अवशेष क्लोरीन की मात्रा न्यूनतम होती है क्लोरीनीकरण क्रम आगे जारी रखने पर, यह मुक्त क्लोरीन के रूप में निकलती है। अत: क्लोरीनीकरण में वह स्थिति जब पानी की उपरोक्त दोनों माँगे पूर्ण हो जाती है तथा मुक्त क्लोरीन निकलने लगती है, भंजक बिन्दु कहलाती है, तथा इस सीमा के पश्चात् क्लोरीनीकरण को भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break Point Chlorination) कहते हैं।

Explanations:

भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break-Point Chlorination)–– जब क्लोरीन पानी में मिलाई जाती है, तो यह दो चरणों में कार्य करती है– ∎ पहले चरण में रोगजनक जीवाणुओं को नष्ट करती है। ∎ दूसरे चरण में कार्बनिक पदार्थों का आक्सीकरण करती है। जब क्लोरीन द्वारा उपरोक्त दोनों कार्य पूर्ण हो जाते हैं तो जल में अवशेष क्लोरीन की मात्रा न्यूनतम होती है क्लोरीनीकरण क्रम आगे जारी रखने पर, यह मुक्त क्लोरीन के रूप में निकलती है। अत: क्लोरीनीकरण में वह स्थिति जब पानी की उपरोक्त दोनों माँगे पूर्ण हो जाती है तथा मुक्त क्लोरीन निकलने लगती है, भंजक बिन्दु कहलाती है, तथा इस सीमा के पश्चात् क्लोरीनीकरण को भंजक बिन्दु क्लोरीनीकरण (Break Point Chlorination) कहते हैं।