Correct Answer:
Option B - ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव सबसे पहले कृष्ण कुमार मित्र की साप्ताहिक पत्रिका संजीवनी के 13 जुलाई, 1905 के अंक में सुझाया गया तथा 7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में होने वाली बैठक में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी जैसे नेताओं ने इसे स्वीकार किया था। अरविन्द घोष ने भी अपनी स्वदेशी विचार के तहत ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव दिया था। गाँधी ने जब असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव दिया तब रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे निष्ठुर बर्बादी की संज्ञा दी।
B. ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव सबसे पहले कृष्ण कुमार मित्र की साप्ताहिक पत्रिका संजीवनी के 13 जुलाई, 1905 के अंक में सुझाया गया तथा 7 अगस्त, 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में होने वाली बैठक में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी जैसे नेताओं ने इसे स्वीकार किया था। अरविन्द घोष ने भी अपनी स्वदेशी विचार के तहत ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव दिया था। गाँधी ने जब असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का सुझाव दिया तब रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे निष्ठुर बर्बादी की संज्ञा दी।