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Q: ‘‘ब्रह्मचारी काष्ठपीठे अधिशेते’’ रेखाङ्कित पदस्य शुद्धरूपम् अस्ति –
  • A. काष्ठपीठेन
  • B. काष्ठपीठम्
  • C. काष्ठपीठाय
  • D. काष्ठपीठात्
Correct Answer: Option A - ’’ब्रह्मचारी काष्ठपीठे अधिशेते इसका शुद्ध वाक्य होगा –ब्रह्मचारी काष्ठपीठम् अधिशेते। क्योंकि ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ सूत्र के आधार पर यदि शीङ् और स्था धातु के पहले अधि उपसर्ग हो तो क्रिया के आधार की कर्म सञ्ज्ञा होती है।
A. ’’ब्रह्मचारी काष्ठपीठे अधिशेते इसका शुद्ध वाक्य होगा –ब्रह्मचारी काष्ठपीठम् अधिशेते। क्योंकि ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ सूत्र के आधार पर यदि शीङ् और स्था धातु के पहले अधि उपसर्ग हो तो क्रिया के आधार की कर्म सञ्ज्ञा होती है।

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’’ब्रह्मचारी काष्ठपीठे अधिशेते इसका शुद्ध वाक्य होगा –ब्रह्मचारी काष्ठपीठम् अधिशेते। क्योंकि ‘अधिशीङ्स्थासां कर्म’ सूत्र के आधार पर यदि शीङ् और स्था धातु के पहले अधि उपसर्ग हो तो क्रिया के आधार की कर्म सञ्ज्ञा होती है।