Correct Answer:
Option D - वर्ष 1893 ई० में बिरही घाटी के संकरे मुहाने पर विशाल पत्थर गिरने से बिरही गंगा का मार्ग अवरूद्ध हो जाने से ‘गौना झील’ अस्तित्व में आयी। तथा वर्ष 1970 में अलकनंदा में आई भयंकर बाढ़ ने गौना झील को पत्थरों, वृक्षों तथा मलबों से भर दिया जिससे अपने अस्तित्व में आने के लगभग 77 वर्षों के बाद गौना झील समाप्त हो गई।
D. वर्ष 1893 ई० में बिरही घाटी के संकरे मुहाने पर विशाल पत्थर गिरने से बिरही गंगा का मार्ग अवरूद्ध हो जाने से ‘गौना झील’ अस्तित्व में आयी। तथा वर्ष 1970 में अलकनंदा में आई भयंकर बाढ़ ने गौना झील को पत्थरों, वृक्षों तथा मलबों से भर दिया जिससे अपने अस्तित्व में आने के लगभग 77 वर्षों के बाद गौना झील समाप्त हो गई।