Correct Answer:
Option B - बिन्दरा नामक गढ़वाली नाटक के लेखक डॉ. पुरूषोत्तम डोभाल है। वह गढ़वाली समाज के नाटक लिखने के लिए प्रसिद्ध है। वह शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। इनके अन्य नाटक बिंद्रा कुआं, बुरांस, कांथा मनकै जौन, टिल्लू रौतैली, कल्पना, सुबेर इत्यादि है।
B. बिन्दरा नामक गढ़वाली नाटक के लेखक डॉ. पुरूषोत्तम डोभाल है। वह गढ़वाली समाज के नाटक लिखने के लिए प्रसिद्ध है। वह शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। इनके अन्य नाटक बिंद्रा कुआं, बुरांस, कांथा मनकै जौन, टिल्लू रौतैली, कल्पना, सुबेर इत्यादि है।