Explanations:
बाणभट्ट की गद्य में पाञ्चाली रीति है। बाणभट्ट पाञ्चाली रीति के सिद्धहस्त कवि जाने जाते हैं। पाञ्चाली रीति के विषय में कहा गया है– ‘‘शब्दार्थयो: समो गुम्फ: पाञ्चाली रीतिरिष्यते’’ महाकवि बाणभट्ट ने इसका पूर्ण निर्वाह करके संस्कृत जगत में आदर्श प्रस्तुत किया है।