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Q: ‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नाना।’’ उपर्युक्त में कौन-सा अलंकार है?
  • A. तद्गुण
  • B. विभावना
  • C. यमक
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - ‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नाना’’ इसमें विभावना अलंकार है। • विभावना अलंकार- जहाँ बिना कारण के ही कार्य हो जाय वहाँ विभावना अलंकार होता है। • तद्गुण अलंकार:- जब कोई वस्तु अपना गुण त्यागकर अपने पास की किसी दूसरी वस्तु का गुण ग्रहण कर देती है तब तद्गुण अलंकार होता है। जैसे- केन मुकृत सखि मरकत मनिमय होत। • यमक अलंकार- जब कोई शब्द एक से अधिक बार आवे और प्रत्येक स्थान पर भिन्न-भिन्न अर्थ दे, वहां यमक अलंकार होता है। जैसे- जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे है।
C. ‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नाना’’ इसमें विभावना अलंकार है। • विभावना अलंकार- जहाँ बिना कारण के ही कार्य हो जाय वहाँ विभावना अलंकार होता है। • तद्गुण अलंकार:- जब कोई वस्तु अपना गुण त्यागकर अपने पास की किसी दूसरी वस्तु का गुण ग्रहण कर देती है तब तद्गुण अलंकार होता है। जैसे- केन मुकृत सखि मरकत मनिमय होत। • यमक अलंकार- जब कोई शब्द एक से अधिक बार आवे और प्रत्येक स्थान पर भिन्न-भिन्न अर्थ दे, वहां यमक अलंकार होता है। जैसे- जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे है।

Explanations:

‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना। कर बिनु करम करइ बिधि नाना’’ इसमें विभावना अलंकार है। • विभावना अलंकार- जहाँ बिना कारण के ही कार्य हो जाय वहाँ विभावना अलंकार होता है। • तद्गुण अलंकार:- जब कोई वस्तु अपना गुण त्यागकर अपने पास की किसी दूसरी वस्तु का गुण ग्रहण कर देती है तब तद्गुण अलंकार होता है। जैसे- केन मुकृत सखि मरकत मनिमय होत। • यमक अलंकार- जब कोई शब्द एक से अधिक बार आवे और प्रत्येक स्थान पर भिन्न-भिन्न अर्थ दे, वहां यमक अलंकार होता है। जैसे- जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे है।