Correct Answer:
Option C - ‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना।
कर बिनु करम करइ बिधि नाना’’
इसमें विभावना अलंकार है।
• विभावना अलंकार- जहाँ बिना कारण के ही कार्य हो जाय वहाँ विभावना अलंकार होता है।
• तद्गुण अलंकार:- जब कोई वस्तु अपना गुण त्यागकर अपने पास की किसी दूसरी वस्तु का गुण ग्रहण कर देती है तब तद्गुण अलंकार होता है।
जैसे- केन मुकृत सखि मरकत मनिमय होत।
• यमक अलंकार- जब कोई शब्द एक से अधिक बार आवे और प्रत्येक स्थान पर भिन्न-भिन्न अर्थ दे, वहां यमक अलंकार होता है।
जैसे- जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे है।
C. ‘‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना।
कर बिनु करम करइ बिधि नाना’’
इसमें विभावना अलंकार है।
• विभावना अलंकार- जहाँ बिना कारण के ही कार्य हो जाय वहाँ विभावना अलंकार होता है।
• तद्गुण अलंकार:- जब कोई वस्तु अपना गुण त्यागकर अपने पास की किसी दूसरी वस्तु का गुण ग्रहण कर देती है तब तद्गुण अलंकार होता है।
जैसे- केन मुकृत सखि मरकत मनिमय होत।
• यमक अलंकार- जब कोई शब्द एक से अधिक बार आवे और प्रत्येक स्थान पर भिन्न-भिन्न अर्थ दे, वहां यमक अलंकार होता है।
जैसे- जेते तुम तारे, तेते नभ में न तारे है।