Correct Answer:
Option A - ‘भवितव्यानां द्वाराणि भवन्ति’ यह सूक्ति महाकविकालिदास विरचित अभिज्ञानशाकुन्तलम् से है। इसका अर्थ है कि - जो कुछ होना होता है वह कहीं भी हो सकता है। जब राजा दुष्यन्त महर्षि कण्व के आश्रम में प्रवेश करते हैं तो उनकी दाहिनी भुजा फड़कने लगती है जिससे शुभ का संकेत होता है। इस शुभ संकेत का अर्थ शकुन्तला की प्राप्ति है।
A. ‘भवितव्यानां द्वाराणि भवन्ति’ यह सूक्ति महाकविकालिदास विरचित अभिज्ञानशाकुन्तलम् से है। इसका अर्थ है कि - जो कुछ होना होता है वह कहीं भी हो सकता है। जब राजा दुष्यन्त महर्षि कण्व के आश्रम में प्रवेश करते हैं तो उनकी दाहिनी भुजा फड़कने लगती है जिससे शुभ का संकेत होता है। इस शुभ संकेत का अर्थ शकुन्तला की प्राप्ति है।