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Q: ..............भूधृति की एक प्रणाली है जिसमें 1793 में लॉर्ड कॉर्नवॉलिस द्वारा स्थायी बंदोबस्त के माध्यम से मध्यस्थों के भूमि अधिकारों की पुष्टि की गई थी।
  • A. जमींदारी प्रणाली
  • B. रैयतवाड़ी प्रणाली
  • C. महालवाड़ी प्रणाली
  • D. संरक्षक ग्राहक संबंध
Correct Answer: Option A - औपनिवेशिक काल में भारत में मुख्य रूप से निम्नलिखित भू-धृति पद्धतियाँ अपनायी गयी– (i) इजारेदारी प्रथा (ii) स्थायी बंदोबस्त (iii) रैयतवाड़ी (iv) महालवाड़ी ‘स्थायी बंदोबस्त’ को ‘जमींदारी व्यवस्था’ या ‘इस्तमरारी व्यवस्था’ के नाम से भी जाना जाता है। इसे 1793 ई. में लार्ड कार्नवालिस ने बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के बनारस प्रखंड तथा उत्तरी कर्नाटक में लागू किया।
A. औपनिवेशिक काल में भारत में मुख्य रूप से निम्नलिखित भू-धृति पद्धतियाँ अपनायी गयी– (i) इजारेदारी प्रथा (ii) स्थायी बंदोबस्त (iii) रैयतवाड़ी (iv) महालवाड़ी ‘स्थायी बंदोबस्त’ को ‘जमींदारी व्यवस्था’ या ‘इस्तमरारी व्यवस्था’ के नाम से भी जाना जाता है। इसे 1793 ई. में लार्ड कार्नवालिस ने बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के बनारस प्रखंड तथा उत्तरी कर्नाटक में लागू किया।

Explanations:

औपनिवेशिक काल में भारत में मुख्य रूप से निम्नलिखित भू-धृति पद्धतियाँ अपनायी गयी– (i) इजारेदारी प्रथा (ii) स्थायी बंदोबस्त (iii) रैयतवाड़ी (iv) महालवाड़ी ‘स्थायी बंदोबस्त’ को ‘जमींदारी व्यवस्था’ या ‘इस्तमरारी व्यवस्था’ के नाम से भी जाना जाता है। इसे 1793 ई. में लार्ड कार्नवालिस ने बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के बनारस प्रखंड तथा उत्तरी कर्नाटक में लागू किया।