Explanations:
बृहत्त्रयी के अन्तर्गत भारविकृत किरातार्जुनीयम् श्री हर्षकृत नैषधीयचरितम् एवं माघकृत शिशुपालवधम् महाकाव्य आते हैं जबकि रघुवंश लघुत्रयी के अन्तर्गत आता है। लघुत्रयी के अन्तर्गत कालिदास की अन्य दो रचनाएँ हैं – 1- कुमारसम्भवम् एवं 2- मेघदूतम्।