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Q: भट्टनायक का ‘भुक्तिवाद’ किस दर्शन पर आधारित है?
  • A. मीमांसा दर्शन
  • B. न्याय दर्शन
  • C. शैव दर्शन
  • D. सांख्य दर्शन
Correct Answer: Option D - भट्टनायक का ‘भुक्तिवाद’ सांख्य दर्शन पर आधारित है। इनका सिद्धान्त भुक्तिवाद या भोगवाद है। भट्टनायक ने संयोग का अर्थ भोज्य-भोजक और निष्पत्ति का अर्थ भुक्ति दिया है। साधारणीकरण की आवधारणा सर्वप्रथम भट्टनायक ने प्रस्तुत की। मीमांसा दर्शन भट्ट लोल्लट का मत, न्याय दर्शन श्री शंकुक का और शैव दर्शन अभिनवगुप्त का मत आधारित है।
D. भट्टनायक का ‘भुक्तिवाद’ सांख्य दर्शन पर आधारित है। इनका सिद्धान्त भुक्तिवाद या भोगवाद है। भट्टनायक ने संयोग का अर्थ भोज्य-भोजक और निष्पत्ति का अर्थ भुक्ति दिया है। साधारणीकरण की आवधारणा सर्वप्रथम भट्टनायक ने प्रस्तुत की। मीमांसा दर्शन भट्ट लोल्लट का मत, न्याय दर्शन श्री शंकुक का और शैव दर्शन अभिनवगुप्त का मत आधारित है।

Explanations:

भट्टनायक का ‘भुक्तिवाद’ सांख्य दर्शन पर आधारित है। इनका सिद्धान्त भुक्तिवाद या भोगवाद है। भट्टनायक ने संयोग का अर्थ भोज्य-भोजक और निष्पत्ति का अर्थ भुक्ति दिया है। साधारणीकरण की आवधारणा सर्वप्रथम भट्टनायक ने प्रस्तुत की। मीमांसा दर्शन भट्ट लोल्लट का मत, न्याय दर्शन श्री शंकुक का और शैव दर्शन अभिनवगुप्त का मत आधारित है।