Correct Answer:
Option D - ‘भौतिकी’ शब्द में ‘ई’ प्रत्यय है। जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन ला देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय के दो भेद होते हैं।
(i) कृत् प्रत्यय- क्रिया के साथ लगने वाले प्रत्यय।
जैसे- थका + आन - थकान
बोल + ई - बोली
(ii) तद्धित प्रत्यय- जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या अव्यय के अंत में जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।
जैसे- सोना + आर - सोनार
D. ‘भौतिकी’ शब्द में ‘ई’ प्रत्यय है। जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन ला देते हैं, वे प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय के दो भेद होते हैं।
(i) कृत् प्रत्यय- क्रिया के साथ लगने वाले प्रत्यय।
जैसे- थका + आन - थकान
बोल + ई - बोली
(ii) तद्धित प्रत्यय- जो प्रत्यय संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या अव्यय के अंत में जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।
जैसे- सोना + आर - सोनार