Explanations:
भाषा सीखने और भाषा अर्जित करने में मुख्य अंतर का आधार भाषा-परिवेश है। भाषा अर्जन एक अवचेतन प्रक्रिया है। इसमें बालक के सीखने की प्रक्रिया व्याकरणिक नियमों से पूर्णतया अनभिज्ञ रहती है और वह प्रथम भाषा अर्जित करता है। बालक अपने आस पास के वातावरण और लोगों के बीच अंतक्रिया के माध्यम से भाषा को अर्जित करता है। इसमें बालक सक्रिय भूमिका निभाता है। जबकि भाषा अधिगम एक चेतन प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया नियमबद्ध होती है। अर्थात् भाषा व्याकरणीय नियमों से सिखाई जाती है। इसमें भाषा को सिखाने के लिए भिन्न-भिन्न विधियों का प्रयोग किया जाता है। इसमें भाषा सिखाने में भाषा की संरचना, भाषा के नियम, शब्द विज्ञान एवं रूप विज्ञान का भलीभाँति ध्यान रखा जाता है। अत: यह कहा जा सकता है कि भाषा अर्जन जहाँ स्वभाविक भाषा परिवेश में किया जाता है वहीं भाषा अधिगम एक सुसंगठित भाषायी परिवेश में सुसंगठित तरीके से होता है। इसलिए भाषा अर्जन और भाषा अधिगम का मुख्य आधार भाषा-परिवेश को माना जा सकता है।