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Q: भारतीय संविधान के अनुसार, लोक सभा में सदस्यों की कुल संख्या.............से अधिक नहीं हो सकती है?
  • A. 552
  • B. 540
  • C. 640
  • D. 652
Correct Answer: Option A - लोकसभा का गठन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों से किया जाता है। संविधान में व्यवस्था है कि सदन की अधिकतम सदस्य संख्या 552 होगी - 530 सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करेगें, 20 सदस्य संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करेगें तथा 2 सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा एंग्लो-इण्डियन समुदाय से नामित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 550 हो सकती है। 104वें सावेधान संशोधन 2019 द्वारा लोकसभा एवं राजय विधान सभाओ में आंग्ला भारतीयों का मनीनयन समाप्त कर दिया गया है।
A. लोकसभा का गठन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों से किया जाता है। संविधान में व्यवस्था है कि सदन की अधिकतम सदस्य संख्या 552 होगी - 530 सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करेगें, 20 सदस्य संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करेगें तथा 2 सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा एंग्लो-इण्डियन समुदाय से नामित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 550 हो सकती है। 104वें सावेधान संशोधन 2019 द्वारा लोकसभा एवं राजय विधान सभाओ में आंग्ला भारतीयों का मनीनयन समाप्त कर दिया गया है।

Explanations:

लोकसभा का गठन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों से किया जाता है। संविधान में व्यवस्था है कि सदन की अधिकतम सदस्य संख्या 552 होगी - 530 सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करेगें, 20 सदस्य संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करेगें तथा 2 सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा एंग्लो-इण्डियन समुदाय से नामित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 550 हो सकती है। 104वें सावेधान संशोधन 2019 द्वारा लोकसभा एवं राजय विधान सभाओ में आंग्ला भारतीयों का मनीनयन समाप्त कर दिया गया है।