search
Q: भारतीय सौंन्दर्य शास्त्र में ‘‘रस की भुक्ति होती है’’, यह सिद्धांत है
  • A. भट्टनायक का
  • B. भट्टलोल्लट का
  • C. श्रीशंकुक का
  • D. विश्वनाथ का
Correct Answer: Option A - भाव व रस की प्रधानता के कारण ही राजस्थानी चित्रकला शैली आज संसार में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। क्योंकि सच ही कहा गया है कि रस से परमानन्द की प्राप्ति होती है। यही भारतीय चित्र की आत्मा है, सौन्दर्य है। प्रसिद्ध विद्वान ‘भट्टनायक’ के सिद्धांत के अनुसार ‘‘भारतीय सौन्दर्य शास्त्र में ‘रस की मुक्ति’ होती है’’।
A. भाव व रस की प्रधानता के कारण ही राजस्थानी चित्रकला शैली आज संसार में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। क्योंकि सच ही कहा गया है कि रस से परमानन्द की प्राप्ति होती है। यही भारतीय चित्र की आत्मा है, सौन्दर्य है। प्रसिद्ध विद्वान ‘भट्टनायक’ के सिद्धांत के अनुसार ‘‘भारतीय सौन्दर्य शास्त्र में ‘रस की मुक्ति’ होती है’’।

Explanations:

भाव व रस की प्रधानता के कारण ही राजस्थानी चित्रकला शैली आज संसार में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। क्योंकि सच ही कहा गया है कि रस से परमानन्द की प्राप्ति होती है। यही भारतीय चित्र की आत्मा है, सौन्दर्य है। प्रसिद्ध विद्वान ‘भट्टनायक’ के सिद्धांत के अनुसार ‘‘भारतीय सौन्दर्य शास्त्र में ‘रस की मुक्ति’ होती है’’।