Correct Answer:
Option B - • 1905 ई. का वाश पद्धति में भारतमाता चित्र के चित्रकार अवनीन्द्र नाथ थे।
• भारतमाता चित्र में चार हाथ बने हैं, एक हाथ में कपड़ा सपेâद, दूसरे हाथ में माला, तीसरे हाथ में पुस्तक, चौथे हाथ में गेहूँ की बाल लिये चित्रित किया गया है।
• समाज की बुराइयों को अवनीन्द्रनाथ ने मुखौटों के माध्यम से उजागर किया।
• अवनीन्द्रनाथ की काटुम-कुटुम की कृति काष्ठ से निर्मित ‘उल्लू’ राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सुरक्षित है।
• बच्चों के लिये अबन ठाकुर नामक पुस्तक के लेखक अवनींद्रनाथ हैं।
B. • 1905 ई. का वाश पद्धति में भारतमाता चित्र के चित्रकार अवनीन्द्र नाथ थे।
• भारतमाता चित्र में चार हाथ बने हैं, एक हाथ में कपड़ा सपेâद, दूसरे हाथ में माला, तीसरे हाथ में पुस्तक, चौथे हाथ में गेहूँ की बाल लिये चित्रित किया गया है।
• समाज की बुराइयों को अवनीन्द्रनाथ ने मुखौटों के माध्यम से उजागर किया।
• अवनीन्द्रनाथ की काटुम-कुटुम की कृति काष्ठ से निर्मित ‘उल्लू’ राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सुरक्षित है।
• बच्चों के लिये अबन ठाकुर नामक पुस्तक के लेखक अवनींद्रनाथ हैं।