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Q: भारत दक्षिण-पश्चिम मानसून के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? 1. मानसून सर्वप्रथम मालाबार तट पर पहुँचा है। 2. दक्षिण-पश्चिम मानसून से राजस्थान में वर्षा नहीं होती। 3. जब स्थायी पवन कटिबन्ध दक्षिण की ओर स्थानान्तरित होना शुरू करते हैं तो दक्षिण-पश्चिम मानसूनी निर्वितत हो जाता है। नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
  • A. 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 3
  • D. केवल 1 और 3
Correct Answer: Option D - मानसून से तात्पर्य मौसमी हवाओं में परिवर्तन से है, जिसके माध्यम से दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में वर्षा होती है। भारतीय मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण जलीय तथा स्थलीय भाग के तापमान में भिन्नता होना है। भारत में कुल वर्षा का लगभग (90%) वर्षा दक्षिण-पश्चिम (South West) मानसून से प्राप्त होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रारम्भ भारत के केरल राज्य (मालाबार तट) से होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून से राजस्थान में अत्यंत ही कम वर्षा होती है, जिसका कारण मानसूनी हवाओं के सामान्तर अरावली शृंखला का होना, जिससे राजस्थान में हवाएँ नहीं रूक पाती। स्थायी पवन कटिबंध का दक्षिण की तरफ खिसकाव होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर (निवर्तित) हो जाता है।
D. मानसून से तात्पर्य मौसमी हवाओं में परिवर्तन से है, जिसके माध्यम से दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में वर्षा होती है। भारतीय मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण जलीय तथा स्थलीय भाग के तापमान में भिन्नता होना है। भारत में कुल वर्षा का लगभग (90%) वर्षा दक्षिण-पश्चिम (South West) मानसून से प्राप्त होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रारम्भ भारत के केरल राज्य (मालाबार तट) से होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून से राजस्थान में अत्यंत ही कम वर्षा होती है, जिसका कारण मानसूनी हवाओं के सामान्तर अरावली शृंखला का होना, जिससे राजस्थान में हवाएँ नहीं रूक पाती। स्थायी पवन कटिबंध का दक्षिण की तरफ खिसकाव होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर (निवर्तित) हो जाता है।

Explanations:

मानसून से तात्पर्य मौसमी हवाओं में परिवर्तन से है, जिसके माध्यम से दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में वर्षा होती है। भारतीय मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण जलीय तथा स्थलीय भाग के तापमान में भिन्नता होना है। भारत में कुल वर्षा का लगभग (90%) वर्षा दक्षिण-पश्चिम (South West) मानसून से प्राप्त होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रारम्भ भारत के केरल राज्य (मालाबार तट) से होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून से राजस्थान में अत्यंत ही कम वर्षा होती है, जिसका कारण मानसूनी हवाओं के सामान्तर अरावली शृंखला का होना, जिससे राजस्थान में हवाएँ नहीं रूक पाती। स्थायी पवन कटिबंध का दक्षिण की तरफ खिसकाव होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर (निवर्तित) हो जाता है।