Correct Answer:
Option D - सामान्य रूप से भूमि सुधारों तथा विशेष रूप से पट्टेदारी सुधारों का उद्देश्य सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से पट्टों या जोतों के स्वामित्व का पुनर्वितरण तथा भूमि के अनुकूलतम उपयोग की दृष्टि से प्रचलानात्मक जोतों को पुनर्संगठित करना है। भूमि सुधारों के तहत मध्यवर्तियों का उन्मूलन और पट्टेदारी सुधार जिसके तहत लगान का विनियमन, पट्टेदारों हेतु पट्टा अवधि की सुरक्षा तथा उन्हें पट्टेदारी का स्वामित्व प्रदान करना शामिल है। इस पूरी अवधारणा का उद्देश्य वास्तविक कृषकों को अधिकार प्रदान कर उन्हें राज्य के प्रत्यक्ष सम्पर्क में लाना है। पट्टेदारी की सुरक्षा और लगान के विनियमन के साथ वास्तविक कृषकों के पट्टेदारी पर स्वामित्व प्रदान करना कृषकों को उनके श्रम का समुचित प्रतिफल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक है।
D. सामान्य रूप से भूमि सुधारों तथा विशेष रूप से पट्टेदारी सुधारों का उद्देश्य सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से पट्टों या जोतों के स्वामित्व का पुनर्वितरण तथा भूमि के अनुकूलतम उपयोग की दृष्टि से प्रचलानात्मक जोतों को पुनर्संगठित करना है। भूमि सुधारों के तहत मध्यवर्तियों का उन्मूलन और पट्टेदारी सुधार जिसके तहत लगान का विनियमन, पट्टेदारों हेतु पट्टा अवधि की सुरक्षा तथा उन्हें पट्टेदारी का स्वामित्व प्रदान करना शामिल है। इस पूरी अवधारणा का उद्देश्य वास्तविक कृषकों को अधिकार प्रदान कर उन्हें राज्य के प्रत्यक्ष सम्पर्क में लाना है। पट्टेदारी की सुरक्षा और लगान के विनियमन के साथ वास्तविक कृषकों के पट्टेदारी पर स्वामित्व प्रदान करना कृषकों को उनके श्रम का समुचित प्रतिफल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक है।