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Q: भारत के संविधान के अनुसार, प्रतिषेध रिट किस आदेश से संबंधित है? 1. न्यायिक और न्यायिककल्प प्राधिकारी के खिलाफ दिया गया आदेश 2. अवर न्यायालय को, किसी विशिष्ट मामले में, जहाँ उसे विचार करने की अधिकारिता नहीं है, कार्यवाही करने से रोकना 3. किसी व्यक्ति को किसी सार्वजनिक पद को, जिसके लिए वह हकदार नहीं है, धारण करने से रोकना नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1
  • D. 1, 2 और 3
Correct Answer: Option A - प्रतिषेध रिट उच्चतम या उच्च न्यायालय द्वारा अवर (अधीनस्थ) न्यायालय को सम्बोधित रिट है, जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयो में कार्यवाही करने से या उस अधिकारिता का हथियाने का प्रतिषेध किया जाता है। इस रिट के द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों को उनकी अधिकारिता की सीमा में रहने के लिए बाध्य किया जाता है। यह न्यायिक और न्यायिककल्प प्राधिकारी के खिलाफ दिया गया आदेश है। प्रतिषेध रिट तब जारी किया जाता है जब कार्यवाही चल रही हो अर्थात कार्यवाही चालू रहने के दौरान जारी की जाती है ताकि कार्यवाही को रोका जा सके।
A. प्रतिषेध रिट उच्चतम या उच्च न्यायालय द्वारा अवर (अधीनस्थ) न्यायालय को सम्बोधित रिट है, जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयो में कार्यवाही करने से या उस अधिकारिता का हथियाने का प्रतिषेध किया जाता है। इस रिट के द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों को उनकी अधिकारिता की सीमा में रहने के लिए बाध्य किया जाता है। यह न्यायिक और न्यायिककल्प प्राधिकारी के खिलाफ दिया गया आदेश है। प्रतिषेध रिट तब जारी किया जाता है जब कार्यवाही चल रही हो अर्थात कार्यवाही चालू रहने के दौरान जारी की जाती है ताकि कार्यवाही को रोका जा सके।

Explanations:

प्रतिषेध रिट उच्चतम या उच्च न्यायालय द्वारा अवर (अधीनस्थ) न्यायालय को सम्बोधित रिट है, जिसमें उच्च न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयो में कार्यवाही करने से या उस अधिकारिता का हथियाने का प्रतिषेध किया जाता है। इस रिट के द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों को उनकी अधिकारिता की सीमा में रहने के लिए बाध्य किया जाता है। यह न्यायिक और न्यायिककल्प प्राधिकारी के खिलाफ दिया गया आदेश है। प्रतिषेध रिट तब जारी किया जाता है जब कार्यवाही चल रही हो अर्थात कार्यवाही चालू रहने के दौरान जारी की जाती है ताकि कार्यवाही को रोका जा सके।