Correct Answer:
Option D - • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नालसा मामले में ट्रांसजेण्डर (विपरीत-लिंगियों) व्यक्तियों के लिए नागरिक अधिकारों को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। विपरीत लिंगियों के अधिकारों को अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत स्थापित किया ।
• आरुषि धसमाना बनाम भारत संघ के वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने यह धारित किया कि व्रेâनियोपैगस जुड़वाओं के अधिकार अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत शामिल है।
• सुचिता श्रीवास्तव और एक अन्य बनाम चण्डीगढ़ शासन प्रबन्ध मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारित किया कि बच्चे को जन्म देने का मंदितमना महिलाओं का अधिकार अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत शामिल है।
D. • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नालसा मामले में ट्रांसजेण्डर (विपरीत-लिंगियों) व्यक्तियों के लिए नागरिक अधिकारों को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। विपरीत लिंगियों के अधिकारों को अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत स्थापित किया ।
• आरुषि धसमाना बनाम भारत संघ के वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने यह धारित किया कि व्रेâनियोपैगस जुड़वाओं के अधिकार अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत शामिल है।
• सुचिता श्रीवास्तव और एक अन्य बनाम चण्डीगढ़ शासन प्रबन्ध मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारित किया कि बच्चे को जन्म देने का मंदितमना महिलाओं का अधिकार अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत शामिल है।