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Q: भारत का संविधान अपने संपूर्ण लोगों को समान अवसर प्रदान करता है। स्वतंत्रा के बाद सरकार द्वारा ली गई सभी नीतियाँ निम्नलिखित इस एक को छोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से लागू हुई–
  • A. जाति, धर्म, पंथ, जन्मस्थान की भिन्नताओं के बावजूद सभी भारतीय के साथ समान व्यवहार किया गया।
  • B. स्वतंत्रता के बाद सरकार ने सहिष्णुता, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकीकरण का समर्थन किया।
  • C. 1956 में भाषाई असामंजस्यता के आधार पर भारत के विभिन्न राज्यों का गठन किया गया।
  • D. यह कहकर राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना कि सभी एक भारतीय के रूप में एक समान पहचान होनी चाहिए।
Correct Answer: Option C - भारत का संविधान अपने संपूर्ण लोगों को समान अवसर प्रदान करता है। स्वतंत्रता के बाद सरकार द्वारा ली गई निम्नलिखित नीतियाँ सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से लागू हुई- (1) जाति, धर्म, पंथ, जन्मस्थान की भिन्नताओं के बावजूद सभी भारतीयों के साथ समान व्यवहार किया गया। (2) स्वतंत्रता के बाद सरकार ने सहिष्णुता, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकीकरण का समर्थन किया। (3) यह कहकर राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना कि सभी की एक भारतीय के रूप में एक समान पहचान होनी चाहिए। परन्तु 1956 में भाषाई असमंजस्यता के आधार पर भारत के विभिन्न राज्यों का गठन, सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं किया गया।
C. भारत का संविधान अपने संपूर्ण लोगों को समान अवसर प्रदान करता है। स्वतंत्रता के बाद सरकार द्वारा ली गई निम्नलिखित नीतियाँ सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से लागू हुई- (1) जाति, धर्म, पंथ, जन्मस्थान की भिन्नताओं के बावजूद सभी भारतीयों के साथ समान व्यवहार किया गया। (2) स्वतंत्रता के बाद सरकार ने सहिष्णुता, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकीकरण का समर्थन किया। (3) यह कहकर राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना कि सभी की एक भारतीय के रूप में एक समान पहचान होनी चाहिए। परन्तु 1956 में भाषाई असमंजस्यता के आधार पर भारत के विभिन्न राज्यों का गठन, सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं किया गया।

Explanations:

भारत का संविधान अपने संपूर्ण लोगों को समान अवसर प्रदान करता है। स्वतंत्रता के बाद सरकार द्वारा ली गई निम्नलिखित नीतियाँ सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से लागू हुई- (1) जाति, धर्म, पंथ, जन्मस्थान की भिन्नताओं के बावजूद सभी भारतीयों के साथ समान व्यवहार किया गया। (2) स्वतंत्रता के बाद सरकार ने सहिष्णुता, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकीकरण का समर्थन किया। (3) यह कहकर राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना कि सभी की एक भारतीय के रूप में एक समान पहचान होनी चाहिए। परन्तु 1956 में भाषाई असमंजस्यता के आधार पर भारत के विभिन्न राज्यों का गठन, सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं किया गया।