Correct Answer:
Option B - राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति अनुच्छेद 72 के तहत एक अद्र्ध-न्यायिक प्रक्रिया है। वह किसी दण्ड के लिए दोषी ठहराये गये व्यक्ति के दण्ड को क्षमा, प्राबिलम्बन, परिहार, विराम या लघुकरण कर सकता है।
क्षमा - दण्डादेश और दोषसिद्धि से मुक्ति देना।
लघुकरण - सजा के एक रूप को दूसरे रूप में बदलना।
प्रविलंबन - दण्डा देश के निष्पादन पर थोड़े समय के लिए रोक लगा देना।
परिहार- इसके तहत दण्ड की प्रकृति में परिवर्तन किये बिना दण्ड की मात्रा को कम कर दिया जाता है, जैसे- 14 वर्ष की सजा को कम करके 8 वर्ष कर देना।
B. राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति अनुच्छेद 72 के तहत एक अद्र्ध-न्यायिक प्रक्रिया है। वह किसी दण्ड के लिए दोषी ठहराये गये व्यक्ति के दण्ड को क्षमा, प्राबिलम्बन, परिहार, विराम या लघुकरण कर सकता है।
क्षमा - दण्डादेश और दोषसिद्धि से मुक्ति देना।
लघुकरण - सजा के एक रूप को दूसरे रूप में बदलना।
प्रविलंबन - दण्डा देश के निष्पादन पर थोड़े समय के लिए रोक लगा देना।
परिहार- इसके तहत दण्ड की प्रकृति में परिवर्तन किये बिना दण्ड की मात्रा को कम कर दिया जाता है, जैसे- 14 वर्ष की सजा को कम करके 8 वर्ष कर देना।