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Q: भारत के लिए एक संविधान सभा का विचार पहली बार ––––––––– द्वारा पेश किया गया था।
  • A. जवाहरलाल नेहरू
  • B. राजेन्द्र प्रसाद
  • C. वल्लभभाई पटेल
  • D. एम.एन. रॉय
Correct Answer: Option D - एम.एन.रॉय 1934 में भारत के लिए संविधान सभा का विचार करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। संविधान सभा के सिद्धान्त का सर्वप्रथम दर्शन 1895 ई० के स्वराज विधेयक में होता है जिसे बाल गंगाधर तिलक के निर्देशन में तैयार किया गया था। वर्ष 1924 में मोतीलाल नेहरू ने अंग्रेजी सरकार के समक्ष संविधान सभा के निर्माण की माँग प्रस्तुत की। इसके पश्चात वर्ष 1934 ई. में एम. एन. राय ने भारत के लिए औपचारिक रूप से संविधान सभा का विचार प्रस्तुत किया। जिसे मूर्त रूप देने का कार्य प. जवाहर लाल नेहरू द्वारा किया गया। इसके पश्चात् कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन (1937) में संविधान सभा के अर्थ एवं महत्व की व्याख्या की गई। नोट - उल्लेखनीय है कि वर्ष 1934 में राँची में गठित स्वराज पार्टी ने संविधान सभा के गठन की माँग सर्वप्रथम की थी।
D. एम.एन.रॉय 1934 में भारत के लिए संविधान सभा का विचार करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। संविधान सभा के सिद्धान्त का सर्वप्रथम दर्शन 1895 ई० के स्वराज विधेयक में होता है जिसे बाल गंगाधर तिलक के निर्देशन में तैयार किया गया था। वर्ष 1924 में मोतीलाल नेहरू ने अंग्रेजी सरकार के समक्ष संविधान सभा के निर्माण की माँग प्रस्तुत की। इसके पश्चात वर्ष 1934 ई. में एम. एन. राय ने भारत के लिए औपचारिक रूप से संविधान सभा का विचार प्रस्तुत किया। जिसे मूर्त रूप देने का कार्य प. जवाहर लाल नेहरू द्वारा किया गया। इसके पश्चात् कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन (1937) में संविधान सभा के अर्थ एवं महत्व की व्याख्या की गई। नोट - उल्लेखनीय है कि वर्ष 1934 में राँची में गठित स्वराज पार्टी ने संविधान सभा के गठन की माँग सर्वप्रथम की थी।

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एम.एन.रॉय 1934 में भारत के लिए संविधान सभा का विचार करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे। संविधान सभा के सिद्धान्त का सर्वप्रथम दर्शन 1895 ई० के स्वराज विधेयक में होता है जिसे बाल गंगाधर तिलक के निर्देशन में तैयार किया गया था। वर्ष 1924 में मोतीलाल नेहरू ने अंग्रेजी सरकार के समक्ष संविधान सभा के निर्माण की माँग प्रस्तुत की। इसके पश्चात वर्ष 1934 ई. में एम. एन. राय ने भारत के लिए औपचारिक रूप से संविधान सभा का विचार प्रस्तुत किया। जिसे मूर्त रूप देने का कार्य प. जवाहर लाल नेहरू द्वारा किया गया। इसके पश्चात् कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन (1937) में संविधान सभा के अर्थ एवं महत्व की व्याख्या की गई। नोट - उल्लेखनीय है कि वर्ष 1934 में राँची में गठित स्वराज पार्टी ने संविधान सभा के गठन की माँग सर्वप्रथम की थी।