Correct Answer:
Option A - पश्चिम बंगाल राज्य में मकर संक्रांति को ‘पौष संक्रांति’ के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति का अर्थ सूर्य (SUN) के राशि (Capricorn) में प्रवेश करने की घटना से जुड़ा है। जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति का पर्व हमेशा 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है।
• मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखण्ड में मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाई जाती है। इस वजह से इसका नाम खिचड़ी भी है।
A. पश्चिम बंगाल राज्य में मकर संक्रांति को ‘पौष संक्रांति’ के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति का अर्थ सूर्य (SUN) के राशि (Capricorn) में प्रवेश करने की घटना से जुड़ा है। जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति का पर्व हमेशा 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है।
• मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखण्ड में मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाई जाती है। इस वजह से इसका नाम खिचड़ी भी है।