Correct Answer:
Option B - तबकात–ए–नासिरी, फारसी इतिहासकार ‘मिनहाजुद्दीन सिराज’ द्वारा रचित ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय पर बख्तियार खिलजी द्वारा हमले का पहला विवरण प्राप्त है। साथ ही इस पुस्तक में मुहम्मद गोरी की भारत विजय तथा तुर्की सल्तनत के आरम्भिक इतिहास की लगभग 1260 ई. तक की जानकारी मिलती हैं।
B. तबकात–ए–नासिरी, फारसी इतिहासकार ‘मिनहाजुद्दीन सिराज’ द्वारा रचित ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय पर बख्तियार खिलजी द्वारा हमले का पहला विवरण प्राप्त है। साथ ही इस पुस्तक में मुहम्मद गोरी की भारत विजय तथा तुर्की सल्तनत के आरम्भिक इतिहास की लगभग 1260 ई. तक की जानकारी मिलती हैं।