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Q: बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1911 में बिहार एवं उड़ीसा के नये प्रांत का निर्माण हुआ, का नेतृत्व किया था-
  • A. सच्चिदानन्द सिन्हा ने
  • B. अनुग्रह नारायण सिन्हा ने
  • C. जे. बी. कृपलानी ने
  • D. बिरसा मुण्डा ने
Correct Answer: Option A - डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा प्रसिद्ध बैरिस्टर एवं लेखक थे। बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन डॉ. सच्चिनानन्द सिन्हा के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ जिसके फलस्वरूप वर्ष 1911 ई. में बिहार एवं उड़ीसा प्रांत का निर्माण हुआ। भारत के संविधान निर्माण में इनका महत्वपूर्ण योगदान था। ये संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा का जन्म 1857 ई. में औरंगाबाद जिले में हुआ था, ये आधुनिक बिहार के निर्माताओं में एक थे। भारत की स्वतंत्रता के समय कांग्रेस अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे। मुंडा विद्रोह का नेतृत्व बिरसा मुण्डा ने किया था।
A. डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा प्रसिद्ध बैरिस्टर एवं लेखक थे। बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन डॉ. सच्चिनानन्द सिन्हा के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ जिसके फलस्वरूप वर्ष 1911 ई. में बिहार एवं उड़ीसा प्रांत का निर्माण हुआ। भारत के संविधान निर्माण में इनका महत्वपूर्ण योगदान था। ये संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा का जन्म 1857 ई. में औरंगाबाद जिले में हुआ था, ये आधुनिक बिहार के निर्माताओं में एक थे। भारत की स्वतंत्रता के समय कांग्रेस अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे। मुंडा विद्रोह का नेतृत्व बिरसा मुण्डा ने किया था।

Explanations:

डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा प्रसिद्ध बैरिस्टर एवं लेखक थे। बिहार में अलग प्रांत के लिए आंदोलन डॉ. सच्चिनानन्द सिन्हा के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ जिसके फलस्वरूप वर्ष 1911 ई. में बिहार एवं उड़ीसा प्रांत का निर्माण हुआ। भारत के संविधान निर्माण में इनका महत्वपूर्ण योगदान था। ये संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. अनुग्रह नारायण सिन्हा का जन्म 1857 ई. में औरंगाबाद जिले में हुआ था, ये आधुनिक बिहार के निर्माताओं में एक थे। भारत की स्वतंत्रता के समय कांग्रेस अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी थे। मुंडा विद्रोह का नेतृत्व बिरसा मुण्डा ने किया था।